Sawan 2026: सावन का महीना शुरू होने से पहले ही जान ले सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या हैं अंतर

इंटरनेट डेस्क। भगवान भोलेनाथ की पूजा का सबसे पवित्र महीना सावन शुरू होने वाला है। इस महीने में शिवभक्त भगवान की विशेष पूजा अर्चना करते है। वैसे आज हम सावन के शुरू होने से पूर्व एक बात को जानने की कोशिश करते हैं की सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या फर्क है। वैसे शिवरात्रि हर महीने मनाई जाती है, लेकिन महाशिवरात्रि और सावन शिवरात्रि को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। 

सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि के बीच अंतर
सावन शिवरात्रि- इस पर्व को सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर महादेव के संग मां पार्वती की पूजा करना शुभ माना जाता है। इसी दिन कांवड़ यात्रा का जल चढ़ाया जाता है।

महाशिवरात्रि- वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल महाशिवरात्रि के पर्व को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इससे साधक को जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार, सावन के महीने में अमृत की प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन हुआ था। समुद्र मंथन से विष निकला, जिसको भगवान शिव ने पी लिया था, जिसकी वजह से भगवान शिव का कंठ नीला पड़ गया। इसलिए देवताओं ने विष की जलन को शांत करने के लिए महादेव का जलाभिषेक किया था। इसलिए सावन शिवरात्रि मनाई जाती है। 

महाशिवरात्रि- पौराणिक कथा के अनुसार,फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठिन तपस्या की थी। इसलिए महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। 

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